लखनऊ में कुल पोस्ट ऑफिस की संख्या 178 जिसमे ब्रांच पोस्ट ऑफिस और सब पोस्ट ऑफिस शामिल है, बताना चाहता हूँ की पोस्ट ऑफिस CBS (CORE BANKING SERVICE) होने से पहले, एक सब पोस्ट ऑफिस करीब करीब 30 से 50 लाख* सरकारी खाते में जमा करता था एक महीने में और पोस्ट ऑफिस तक़रीबन 1 करोड*, जब से केंद्र ने CBS लागू किया है तब से महीने में एक सब पोस्ट ऑफिस 5 से 8 लाख* और ब्रांच ऑफिस करीब 25 लाख* ही जमा कर पा रहे हैं आपको बताता हु क्यों?
बात करते हैं IT Modernization
पहले पोस्ट ऑफिस का अपना सर्वर और सॉफ्टवेर था "संचय पोस्ट" जिसमे काम करना बहुत आसान था अब finacle आ गया है इसमें बहुत सारे कोड हैं.
इन्टरनेट SIFI को दिया गया जो की बैंकों से कई साल पहले रिजेक्ट हो चुकी थी, मतलब की स्पीड बहुत ही ख़राब है,
ज्यादातर सब पोस्ट ऑफिस सिंगल हैण्ड है और FINCORE में काम करने के लिए दो लोगो की ज़रूरत है पहला सुपरवाइजर और दूसरा ओपरेटर,
अब बात करते हैं की आखिर सरकार को कितना नुक्सान सहना पद रहा है कुल पोस्ट ऑफिस 178 बीच के आकडे लेते हैं तो पहले एक पोस्ट ऑफिस 50 लाख* महीने में सरकारी खाते में जमा करता था और आज सिर्फ 20 लाख* तो कुल नुकसान होता है 534000000/- अंदाज़न* ये आंकड़े सिर्फ लखनऊ के हैं और 1 महीने के,
कुछ सवाल जो सुर्वे में पूछे गए!
क्या जनता की भीड़ कम हुई?
जवाब जिस काम को पहले करने में ३ मिनट लगते थे आज 10-15 मिनट लगते हैं क्यों की इन्टरनेट बहुत स्लो है और सर्वर की हालत खस्ता है,
क्या कागज़ के लेन देन में कमी आई?
जवाब अब हर एजेंट को भी अपनी रिपोर्ट प्रिंट करवा के लानी है!
केसे होगा देश आगे!
अपने अगले लेख में बात करूँगा पैसे के गिरावट पे.
ये मेरे द्वारा जुटाए गए आंकड़े हैं.*
बात करते हैं IT Modernization
पहले पोस्ट ऑफिस का अपना सर्वर और सॉफ्टवेर था "संचय पोस्ट" जिसमे काम करना बहुत आसान था अब finacle आ गया है इसमें बहुत सारे कोड हैं.
इन्टरनेट SIFI को दिया गया जो की बैंकों से कई साल पहले रिजेक्ट हो चुकी थी, मतलब की स्पीड बहुत ही ख़राब है,
ज्यादातर सब पोस्ट ऑफिस सिंगल हैण्ड है और FINCORE में काम करने के लिए दो लोगो की ज़रूरत है पहला सुपरवाइजर और दूसरा ओपरेटर,
अब बात करते हैं की आखिर सरकार को कितना नुक्सान सहना पद रहा है कुल पोस्ट ऑफिस 178 बीच के आकडे लेते हैं तो पहले एक पोस्ट ऑफिस 50 लाख* महीने में सरकारी खाते में जमा करता था और आज सिर्फ 20 लाख* तो कुल नुकसान होता है 534000000/- अंदाज़न* ये आंकड़े सिर्फ लखनऊ के हैं और 1 महीने के,
कुछ सवाल जो सुर्वे में पूछे गए!
क्या जनता की भीड़ कम हुई?
जवाब जिस काम को पहले करने में ३ मिनट लगते थे आज 10-15 मिनट लगते हैं क्यों की इन्टरनेट बहुत स्लो है और सर्वर की हालत खस्ता है,
क्या कागज़ के लेन देन में कमी आई?
जवाब अब हर एजेंट को भी अपनी रिपोर्ट प्रिंट करवा के लानी है!
केसे होगा देश आगे!
अपने अगले लेख में बात करूँगा पैसे के गिरावट पे.
ये मेरे द्वारा जुटाए गए आंकड़े हैं.*
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