Tuesday, 23 June 2015

मेरे एक मरहूम मित्र के साथ कुछ ऐसा हुआ की उनका फ़ोन चोरी हो गया बहुत परेशान थे वो मेरे से सलाह मांगी की भाई आगे क्या किआ जाए मैंने कहा भाई सबसे पहल तो FIR करो, हम लोग गए फिर लिखवाने वह बैठे हवलदार साहब से पूछा,
मित्र :- सर फ़ोन खो गया है FIR करवानी है.
हवलदार:- बेटा हो जाएगी एक application लिख दो.
मित्र :- सर हो गयी.
हवलदार(नाम पढ़ने के बाद):- ओह! बेटा ऐसा है एक affidavit भी लगेगा
मैं:- क्यों सर अभी तो बस application से हो रहा था.
हवलदार:- application के साथ affidavit भी ज़रूरी है, हमारे पास और भी काम है.

साला बाद में समझ आया मुस्लिम था मेरा दोस्त इसलिए उसने application के साथ affidavit भी चिपका दिए.
कब सुधरेगा यार ये देश हमारा 

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