Friday, 26 June 2015

                                                   बरसात कहीं वरदान तो कहीं अभिशाप 

अप्रैल के महीने में जब बारिश हुई तो शेरवासिओ के लिए बड़ा अच्छा मौसम का प्रतीक था, लोग मस्ती के मूड में थे वहीँ देहाती इलाको में माहौल ग़मज़दा था किसान अपनी जेहुँ की फसल बचने के लिए मशक्कत कर रहे थे, वहीँ मानसून की पहली बारिश ने लोगो को गर्मी से तरावट तो दी ही साथ ही साथ किसानो के लिए भी काफी फायदेमंद रही लेकिन शहरवासिओ के लिए ये बारिश उतनी खुशनुमा नही रही, कहीं लोग घरो से पानी निकल रहे थे तो कहीं लोग अपनी दुकानो से सामान ताकी नुकसान काम हो.

Tuesday, 23 June 2015

मेरे एक मरहूम मित्र के साथ कुछ ऐसा हुआ की उनका फ़ोन चोरी हो गया बहुत परेशान थे वो मेरे से सलाह मांगी की भाई आगे क्या किआ जाए मैंने कहा भाई सबसे पहल तो FIR करो, हम लोग गए फिर लिखवाने वह बैठे हवलदार साहब से पूछा,
मित्र :- सर फ़ोन खो गया है FIR करवानी है.
हवलदार:- बेटा हो जाएगी एक application लिख दो.
मित्र :- सर हो गयी.
हवलदार(नाम पढ़ने के बाद):- ओह! बेटा ऐसा है एक affidavit भी लगेगा
मैं:- क्यों सर अभी तो बस application से हो रहा था.
हवलदार:- application के साथ affidavit भी ज़रूरी है, हमारे पास और भी काम है.

साला बाद में समझ आया मुस्लिम था मेरा दोस्त इसलिए उसने application के साथ affidavit भी चिपका दिए.
कब सुधरेगा यार ये देश हमारा 

                                                         End of a Day for a Bright Morning 

Thursday, 18 June 2015

2013  नवंबर । वो दीपावली का दिन था लोग हमें पुराने अखबर में लपेट अपने घर लाये थे, उसी शाम हमारी बड़ी आव भगत हुई थी कुछ लोग 21 दीयों  कुछ लोग  तो 51  दीयों  से मेरी पूजा करते नही थक रहे थे , इतना ही नही पूरा एक साल मेरी खूब पूजा की, साल बीता मेरी इस मूर्ति की एहमियत कम होती चली गयी इतना ही नही अगली दीपावली में तो घर से बेदखल कर नई मूर्ति ले आये, चलो लाये तो लाये घर के सामने एक पेड़ के नीचे दाल गए, जो थोड़ी इज़्ज़त करते थे वो मुझे गोमती नदी तक ले गए प्रवाहित तो नही किया ऊपर से ही नदी में दाल दिए साथ ही कुछ पन्नी कुछ पपुरानी तालिकायें (कैलेंडर ) भी दाल आये, क्या यार इस भाग दौड़ भरी ज़िंदगी में सिर्फ लक्ष्मी जी से पैसा और मेरे से उन्नति ही चाहते हो थोड़ी इज़्ज़त भी दे दो.